Hearing aids (श्रवण-यंत्र) क्या है?
श्रवण-यंत्र एक Small Electronic Device होती है। यह श्रवण-दोष के अनुसार आवाज को Amplify करके हमारे कान के द्वारा मस्तिष्क तक भेजती है और हम सुनने का आभास करते हैं। यह स्पीच एवं दूसरी आवाजों को हम समझपाते हैं और दूसरों की बातों का जबाव देते हैं। इस प्रकार श्रवण-यंत्र Communication को आसान बनाता है।
श्रवण-यंत्र कैसे काम करता है?
श्रवण-यंत्र मुख्यरूप से तीन Steps पर काम करता है – i) Microphone; ii) Amplifier; iii) Speaker.
i) Microphone :- Microphone Sound Energy को Electrical Energy में बदलकर आवाज को Catch करके आगे बढ़ाने का काम करता है। अर्थात् जो भी हम बोलते हैं उस आवाज को एकत्रित करके Amplifier में भेजते हैं।
ii) Amplifier :- Amplifier Electrical Energy को Sound Energy में बदलकर आवाज को बढ़ाने का काम करता है अर्थात् हमारे द्वारा कही हुई बातें Speaker में पहुंचती हैं।
iii) Speaker :- Speaker द्वारा दूसरों की कही हुई बातें हमारे कानों तक पहुैचती हैं और कान से हमारे मस्तिष्क तक, इसप्रकार हम दूसरों की बातों को सुनने का आभास करते हैं।
इसप्रकार श्रवण-दोष से ग्रसित व्यक्ति श्रवण-यंत्र द्वारा एक-दूसरे की बातों का आदान-प्रदान करते हैं, और इसीप्रकार उपर्युक्त प्रक्रिया द्वारा श्रवण-यंत्र कार्य करता है।
Hearig aids के प्रकारः
श्रवण-यंत्र बनावट के हिसाब से कई प्रकार के होते हैंः-
i) Pocket Type श्रवण-यंत्रः-
इस प्रकार के श्रवण-यंत्र बहुत ही सामान्य एक छोटी सी डब्बी के आकार के होते हैं, ऐसे श्रवण-यंत्र पेंसिल टाइप Battery से संचालित होते हैं। इसमें एक Cord Connect होती है, यदि आप एक कान में श्रवण-यंत्र लगवाना चाहते हैं तो ‘S’ Cord लगाकर Fitting करते हैं। यदि आप श्रवण-यंत्र दोनों कानों में लगवाना चाहते हैं तो ‘V’ Cord लगाकर Fitting करते हैं। Device एक ही होता है। (इसमें भी दो पिन या तीन पिन वाले Cord होते हैं।) Cord का एक हिस्सा Device में Connect होता है और दूसरा हिस्सा रिसीवर में Connect होता है।
Device को Use करते समय Device को क्लिप द्वारा अपनी पॉकेट में रखते हैं, कान में लगाने के लिए Ear Tip होता है, जो अच्छी गुणवत्ता वाली रबर से बना होता है, Ear Tip के द्वारा कान में लगाते हैं और Battery डालकर श्रवण-यंत्र को Switch On कर देते हैं। इसप्रकार श्रवण-यंत्र उपयोग में लाया जाता है। श्रवण-यंत्र में On/Off Switch उपकरण को बंद करने, एवं Volume Switch आवाज बढ़ाने के काम आता है।
यदि आवाज लीकेज या दबी-तबी सी हो तो कस्टम ईयर-मोल्ड बनाते हैं और मशीन के रिसीवर में लगाकर कान में लगाते हैं, इससे बहुत ही स्पष्ट आवाज सुनाई देती है। ईयर-मोल्ड से आवाज कान से लीकेज नहीं होती है। आवाज श्रवण-यंत्र द्वारा सीधे कानों में ही जाती है।
पॉकेट-टाइप श्रवण-यंत्र के पार्ट्सः-
एस या वी कॉर्ड (तार) ये कॉर्ड दो पिन और तीन पिन होते हैं, रिसीवर एवं डिवाइस में भी दो पिन और तीन पिन खांचे होते हैं, ये बैटरी (सैल) कहीं भी मिलते हैं किसी भी परचून की दुकानों पर।
ii) कान के पीछे वाला श्रवण-यंत्र (BTE):-
यह भी एक बेसिक श्रवण-यंत्र होता है, यह एक बहुत ही छोटी Curve डब्बी के आकार का होता है जिसमें एक ऊपर की तरफ हुक लगा होता है जो कान के पिन्ना के पीछे लटकाने में मदद करता है। कान में लगे श्रवण-यंत्र को यदि सामने से देखा जाय तो दिखाई नहीं देता है, श्रवण-यंत्र का सिर्फ हुक में लगा पाइप दिखाई देता है। पाइप में एल्बो के साथ कैनाल के साइज की ईयर-टिप या ईयर-मोल्ड लगाते हैं, अगर ईयर-टिप से आवाज साफ नहीं आती है या लीकेज होती है तो इसमें भी ईयर-मोल्ड बनवाकर लगाते हैं, जिससे आवाज बिलकुल साफ सुनाई देती है। इन ब्रांडेड ऐनालॉग एवं डिजीटल श्रवण-यंत्रों में On/Off स्विच नहीं होता है किन्तु लोकल श्रवण-यंत्रों में On/Off स्विच पाया जाता है। जब हमें डिजीटल श्रवण-यंत्र को On/Off करना हो तो बैटरी-बॉक्स को खोलकर रख देते हैं और जब श्रवण-यंत्र लगाना हो तो बैटरी-बॉक्स को बंद करके कानों में लगा लेते हैं।
BTE श्रवण-यंत्र के पार्ट्स
ऐसे श्रवण-यंत्रों में वॉल्यूम कन्ट्रोल, On/Off स्विच, बैटरी बॉक्स, हुक, पाइप एण्ड एल्बो के साथ ईयर टिप्स या ईयर-मोल्ड, और बैटरी होते हैं।
iii) कान के अन्दर वाला (ITE) श्रवण-यंत्र:-
ये कान के अन्दर ही लगाया जाता है। इसे In-The-Ear (ITE) श्रवण-यंत्र भी कहते हैं। यह श्रवण-यंत्र आधा ईयर-कैनाल में और आधा कान के कॉन्चा में रहता है, एवं इसका आधा हिस्सा दिखाई देता है जो कॉन्चा में रहता है। ये श्रवण-यंत्र रेडीमेड नहीं मिलते हैं। ये श्रवण-यंत्र माइल्ड से सीवियर श्रवण-दोष के लिए उपयुक्त होते हैं।
iv) कान के कैनाल वाला (ITC) श्रवण-यंत्र:-
यह श्रवण-यंत्र ITE श्रवण-यंत्र से छोटा होता है। इसे In-The-Canal (ITC) श्रवण-यंत्र भी कहते हैं। यह श्रवण-यंत्र ईयर-कैनाल और थोड़ा सा हिस्सा ईयर-कॉन्चा में रहता है। यह श्रवण-यंत्र बहुत कम दिखाई देता है। ITE श्रवण-यंत्र की अपेक्षा इस श्रवण-यंत्र को लोग अधिक पसंद करते हैं। यह अधिक आरामदायक श्रवण-यंत्र होता है। यह श्रवण-यंत्र माइल्ड से मॉडरेट श्रवण-दोष के लिए अधिक उपयुक्त होता है।
v) कैनाल के अन्दर वाला (CIC) श्रवण-यंत्र:-
यह सबसे छोटा श्रवण-यंत्र होता है और यह पूरी तरह ईयर-कैनाल के अन्दर लगाया जाता है। इसे Completely-in-Canal (CIC) and Invisible श्रवण-यंत्र कहते हैं, अर्थात् कान में बिलकुल भी दिखाई नहीं देता है। यह श्रवण-यंत्र लगाने में बहुत ही आरामदायक श्रवण-यंत्र होता है। यह श्रवण-यंत्र भी माइल्ड से मोडरेट श्रवण-दोष के लिए उपयुक्त होता है। इस श्रवण-यंत्र को लोग बहुत अधिक पसंद करते हैं।
vi) रिसीवर-इन-कैनाल (RIC) श्रवण-यंत्र:-
यह BTE श्रवण-यंत्र की तरह कान के पीछे लगाया जाता है, और इसका रिसीवर ईयर-टिप या ईयर-मोल्ड के साथ कान के कैनाल में लगाया जाता है। रिसीवर में एक पतला तार फिक्स रहता है, जो रिसीवर और डिवाइस को कनैक्ट करता है। यह श्रवण-यंत्र बहुत ही हल्का और बनावट बहुत ही लुभावनी होती है, इसलिए लोग इसे बहुत पसंद करते हैं।
RIC श्रवण-यंत्र के पार्ट्स
इन श्रवण-यंत्रों में On/Off स्विच, वॉल्यूम कंट्रोल स्विच, एक रिसीवर, एक बैटरी, कान के कैनाल के साइज के ईयर-टिप या ईयर-मोल्ड, एक मुख्य पार्ट डिवाइस होता है। जो आवाज को स्पष्ट बनाते हैं।
नोटः- CIC, ITC और ITE श्रवण-यंत्र कस्टम मेड होते हैं, ये श्रवण-यंत्र रेडीमेड नहीं मिलते हैं, इन्हें व्यक्ति के कान का माप लेकर ही बनाये जाते हैं, इन श्रवण-यंत्रों की अलग-अलग साइज की बैटरी होती है। CIC में 10 नं0, ITC, ITE और RIC में 312 नं0, BTE में 13 नं0 एवं 675 नं0 बैटरी Use होती है। Pocket Type एवं BTE एनालॉग श्रवण-यंत्रों को छोड़कर सभी को व्यक्ति के श्रवण-दोष के अनुसार कम्प्यूटर द्वारा प्रोग्रामिंग करके फिटिंग किया जाता है।
आधुनिक श्रवण-यंत्र की प्रमुख विशेषताएं:
श्रवण-यंत्र उचित रहेगा, स्टाइल के अनुसार कान के पीछे वाला या कान के अन्दर वाला, नई तकनीक के अनुसार Rechargeable, Noise Reducing या Simple BTE श्रवण-यंत्र यह पूरी तरह आपकी Choice है।
1. Noise Reduction:-
आधुनिक श्रवण-यंत्रों में बैकग्राउंड से आ रहे शोर को कम करने की तकनीक उपलब्ध है,चाहे आप कैसी भी भीड़-भाड़ वाले स्थान पर क्यों न हों, जैसेः-रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, या सिटी मॉल में बातें कर रहे हों। इन श्रवण-यंत्रों में वार्तालाप स्पष्ट एवं अच्छे से समझ में आता है। और ये श्रवण-यंत्र आपको दूसरों से बात-चीत करते समय फोकस कराने में सहायक हैं।
2. Bluetooth Connectivity:-
ऐसे श्रवण-यंत्रों में रोजमर्रा में काम आने वाले यंत्रों, जैसेः- टेलीवीजन, मोबाइल फोन, रेडियो, कम्प्यूटर या लैप्टॉप, कैमरा आदि में ब्लूटूथ द्वारा कनेक्ट करके, कुछ दूर रखे यंत्र से आराम से बातें कर सकते हैं। और मोबाइल फोन में आप किसी दूसरे स्थान अर्थात् अपने ऑफिस की तस्वीरें आराम से घर बैठे देख सकते हैं। ब्लूटूथ द्वारा आप फोन सुनने, फोन करने और म्यूजिक सुनने का भरपूर आनंद ले सकते हैं।
3. Rechargeable श्रवण-यंत्र:-
आधुनिक श्रवण-यंत्र रोज-रोज बैटरी बदलने के झंझट से मुक्त रहते हैं। इसके साथ एक बैटरी चार्जर रहता है।जो लगभग 3 घंटे में फुल चार्ज हो जाता है और चार्ज होने के बाद 2 से 3 दिन तक आराम से काम करता है।
4. Tinnitus Masking:-
जिन लोगों को Tinnitus अर्थात् कान बजने की समस्या रहती है, वे Tinnitus Masking श्रवण-यंत्र लगा सकते हैं। इन श्रवण-यंत्रों में कान के बजने की समस्या को दबाने करने की क्षमता होती है कभी-कभी कान बजने की समस्या को बिलकुल खत्म कर देते हैं।
सही श्रवण-यंत्र का चुनाव:
श्रवण-यंत्र का चुनाव आप अपने श्रवण-दोष की गंभीरता के अनुसार कर सकते हैं-
1. श्रवण-दोष का स्तर:-
आपके श्रवण-दोष की श्रेणी किस प्रकार की है। आपको यदि Mild to Moderate श्रवण-दोष है तो आप ITE, ITC या CIC श्रवण-यंत्र लगवा सकते हैं। यह आपकी स्वतंत्रता पर निर्भर करता है। ITE, ITC and CIC श्रवण-यंत्रों में अधिक पॉवर क्षमता नहीं डाली जाती है लेकिन इन श्रवण-यंत्रों की गुणवत्ता बेहतर होती है। इसलिए Severe to Profound श्रवण-दोष के लिए BTE या कोई भी आधुनिक श्रवण-यंत्र लगवा सकते हैं।
2. Lifestyle Needs:-
जो लोग नौकरी-पेशा वाले होते हैं अर्थात् भीड़-भाड़ वाली जगहों पर रहते हैं, उनके लिए Noise Reducing श्रवण-यंत्र बेहतर होता है। यह Noise Reducing तकनीक सभी प्रकार के श्रवण-यंत्रों में उपलब्ध है। चाहे CIC, ITC, ITE, RIC, एवं BTE श्रवण-यंत्र हो। जिन लोगों को टिनीटस की समस्या रहती है, उन लोगों को इस प्रकार के श्रवण-यंत्र लाभकारी होते हैं।
3.Comfort and Fit:-
जब से श्रवण-यंत्रों का उदय हुआ है तब आरामदायक श्रवण-यंत्र आपकी प्राथमिकता रही है। आज तो बाजार में सभी तरह के श्रवण-यंत्र उपलब्ध हैं। आपको एक श्रवण-यंत्र विशेषज्ञ अर्थात् ऑडियोलॉजिस्ट से श्रवण-यंत्र का ट्रायल करा सकते हैं कि आपको किस प्रकार का Hearing aids उपयोगी रहेगा।
4.Budget:-
आजकल बाजार में अच्छे से अच्छा श्रवण-यंत्र उपलब्ध है अर्थात् काफी मंहगे और सस्ते
बजट के अनुसार डिजीटल तकनीक वाले दस हजार रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक के श्रवण-यंत्र
उपलब्ध हैं। दस हजार से अठारह हजार रुपये तक की रेंज वाले सामान्य डिजीटल श्रवण-यंत्र होते हैं, और
अठारह हजार से चालीस हजार तक की रेंज वाले डिजीटल के साथ प्रोग्रामेबल श्रवण-यंत्र होते हैं। चालीस
चालीस हजार रुपये से सात लाख रुपये तक की रेंज वाले डिजीटल प्रोग्रामेबल से साथ-साथ आधुनिक
तकनीक से परिपूर्ण श्रवण-यंत्र उपलब्ध हैं।
श्रवण-यंत्र का रख-रखाव:
आप अपने श्रवण-यंत्र को कितने समय तक चलाना चाहते हैं। यदि आपके पास जैसा भी श्रवण-यंत्र है, आप अपने श्रवण-यंत्र की साफ-सफाई करना अति आवश्यक है। आप इस प्रकार अपने श्रवण-यंत्र का रख-ऱखाव कर सकते हैं—
1. दैनिक साफ-सफाईः-
यदि आपके पास सामान्य डिजीटल श्रवण-यंत्र है तो बैटरी-बॉक्स को, साथ में आये ब्रश की सहायता से नियमित साफ-सफाई करें। श्रवण-यंत्र उपयोग करते-करते पाइप, एल्बो एवं ईयर-टिप में गंदगी जमा हो जाती है, उसे किसी नुकीली वस्तु से हटा दें। यदि आपके पास CIC, ITC,एवं ITE श्रवण-यंत्र है तो समय-समय पर बैटरप बॉक्स को साफ करते रहें। यदि आवाज नहीं आ रही है तो वैक्स गार्ड को बदल दें। इसके अन्दर गंदगी भर जाने से आवाज आना बंद हो जाती है। ऐसा करने से अवश्य ही आपका श्रवण-यंत्र चलने लगेगा।
2. सही जगह पर रखें (Store Properly):-
श्रवण-यंत्र को हमेशा सुरक्षित जगहों पर रखें जो बच्चों की पहुंच से दूर हों। नमी या पानी से भीगने पर ये श्रवण-यंत्र जल्दी खराब हो जाते हैं। आप यदि श्रवण-यंत्र यूज नहीं कर रहे हैं तो इसे हमेशा ड्राय-बॉक्स में ही रखें। श्रवण-यंत्र के साथ एक ड्राय-बॉक्स अवश्य मिलता है। इसे इधर-उधर न रखें ऐसा करने से हम अधिकतर भूल जाते हैं, कि श्रवण-यंत्र कहां रखा है, और ढूढ़ते-ढूढ़ते बहुत परेशान हो जाते हैं। श्रवण-यंत्र को ऐसी जगह पर रखें जो लगाते समय आसानी से मिल जाये।
3. बैटरी बदलनाः-
यदि आपके श्रवण-यंत्र में डिस्पोजल बैटरी यूज होती है तो उसे समय-समय पर अर्थात् यंत्र में यदि आवज आना बंद हो जाये या रुक-रुक कर आवाज आने लगे तो तुरंत बैटरी बदल दें। श्रवण-यंत्र में बैटरी को बहुत लंबे समय तक न छोड़ें इससे मशीन जल्दी खराब हो जाती है क्योंकि बैटरी से तेजाब का रिसाव होने लगता है।
बेसिक रख-रखावः
सभी प्रकार के श्रवण-यंत्रों में कुछ न कुछ परेशानी आ सकती है। जो इस प्रकार है–
1. पॉकेट टाइप श्रवण-यंत्रः-
इन श्रवण-यंत्रों की तार जल्दी खराब होती है। बैटरी बॉक्स में जंग लगने, ईयर-टिप या ईयर-मोल्ड में गंदगी जमा होने से मशीन चलना बंद हो जाती है, और आपको लगेगा कि मशीन खराब हो गई है तो इसके लिए नया तार डलवायें और बैटरी बॉक्स को अच्छे से साफ कर लें इसके साथ ही ईयर-टिप या ईयर-मोल्ड,को किसी नुकीली वस्तु से अच्छे से साफ कर लें, मैकेनिक को नहीं दें, वह आपसे अधिक पैसे ऐंठ सकता है।
2. BTE श्रवण-यंत्र:-
इन श्रवण-यंत्रों की बैटरी समय से बदल देना चाहिए। इनके पाइप, एल्बो, ईयर-टिप या ईयर-मोल्ड में गंदगी जमा हो जाती है, तो मशीन चलना बंद हो जाती है या आवाज नहीं आती है,तो आपको लगेगा कि मशीन खराब हो गयी है ऐसा नहीं है। इनको किसी नुकीली वस्तु से साफ कर लें, आपकी मशीन अवश्य ही चलने लगेगी। इस मशीन का पाइप और हुक जल्दी खराब या टूट जाते हैं, इनको तुरंत बदल देना आवश्यक है। इसके बैटरी-बॉक्स एवं बैटरी को भी साफ करे लें। इससे आपका श्रवण-यंत्र अवश्य ही चलने लगेगा।
3. CIC, ITC और ITE श्रवण-यंत्रः-
इन श्रवण-यंत्रों में बैटरी बॉक्स को तो समय-समय पर साफ करना ही है इसमें ईयर-टिप के स्थान पर गंदगी न जमा हो जाये, इसके लिए वैक्स-गार्ड लगा होता है। यदि आपको लगे कि आवाज कम आने लगी है, आवाज नहीं आ रही है या आवाज रुक-रुक कर आ रही है, तो सबसे पहले बैटरी जांच करें या बदलें, फिर बैटरी बॉक्स को इसमें रखे ब्रश की सहायता से अच्छे से साफ करें। इसके बाद वैक्स गार्ड बदल दें। अवश्य ही आपका श्रवण-यंत्र चलने लगेगा। फिर भी यदि नहीं चलता है, तो श्रवण-विशेषज्ञ से मिलें।
4. RIC श्रवण-यंत्र:-
इन श्रवण-यंत्रों का रिसीवर जल्दी खराब या टूट जाता है, श्रवण-यंत्र से तार अपसैट भी हो जाता है, निकालकर पुनः लगा दें, और इसमें भी ईयर-टिप या ईयर-मोल्ड रहता है, जो कि इसमें गंदगी जमा हो जाती है, तो इसकी गंदगी एवं बैटरी बॉक्स को साफ कर लें, अवश्य ही आपका श्रवण-यंत्र चलने लगेगा।
निष्कर्ष (Conclusion):
इस अध्याय में श्रवण-यंत्र अर्थात् कान की मशीन के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी है, श्रवण-यंत्र क्या होता है, श्रवण-यंत्र के प्रकार, श्रवण-यंत्र का चुनाव, श्रवण-यंत्र का रख-रखाव,श्रवण-यंत्र की कीमत, श्रवण-यंत्र को लंबे समय तक चलाने के उपाय, और आधुनिक श्रवण-यंत्रों की प्रमुख विशेषताएं एवं संचालन के बारे में भी अच्छे से समझाया गया है। श्रवण-यंत्र विश्वसनीय उपकरण होते हैं, जिससे कि आप श्रवण-यंत्र द्वारा अपना जीवन बेहतर बना सकें। यदि आप अपनी बुद्धिमत्तापूर्वक अच्छे गुणवत्तावाले श्रवण-यंत्र खोज रहे हैं तो यहां सभी के लिए विकल्प है कि आपको अच्छे से अच्छा श्रवण-यंत्र मिल सके। आपके जरूरत के मुताबिक बोल सकते हैं, जिससे आपको बेहतर से बेहतर सुन सकें और अपने जीवन में चार-चांद लगा सकें, यही हमारी कामना है।
कॉल टू एक्शन (CTA):
यदि आप अपनी बेहतर सुनाई के लिए अगला कदम लेने के लिए तैयार हैं, तो आज ही श्रवण विशेषज्ञ अर्थात् ऑ़़डियोलॉजिस्ट से सम्पर्क करें और श्रवण-यंत्र लगवायें।
