श्रवण बाधित (Hearing Impaired)-1 Reliable Disability: कारण, प्रकार, लक्षण, जांच, उपचार और जागरूकता

श्रवण बाधित (Hearing Impaired)

श्रवण बाधित (Hearing Impaired)

प्रस्तावना (Introduction)

श्रवण बाधित (Hearing Impaired) वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति को आंशिक या पूर्ण रूप से सुनने में कठिनाई होती है। यह समस्या जन्म से हो सकती है या जीवन के किसी भी चरण में विकसित हो सकती है। सुनने की क्षमता का कम होना केवल संचार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह व्यक्ति के शिक्षा, सामाजिक जीवन, भावनात्मक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को भी गहराई से प्रभावित करता है।

आज की तेज़-तर्रार दुनिया में श्रवण बाधा को अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, जबकि समय पर पहचान और सही उपचार से व्यक्ति एक सामान्य, आत्मनिर्भर और गुणवत्तापूर्ण जीवन जी सकता है। इस ब्लॉग में हम श्रवण बाधित से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को विस्तार से समझेंगे।

श्रवण बाधित (Hearing Impaired) क्या है?

श्रवण बाधित (Hearing Impaired) का अर्थ है कानों की वह स्थिति जिसमें ध्वनियों को सुनने, पहचानने या समझने की क्षमता कम हो जाती है। यह समस्या हल्की (Mild) से लेकर गहरी (Profound) तक हो सकती है।

कुछ लोग केवल धीमी आवाज़ें नहीं सुन पाते, जबकि कुछ को तेज़ आवाज़ों और बातचीत को समझने में भी परेशानी होती है। कई मामलों में व्यक्ति सुन तो सकता है, लेकिन शब्द स्पष्ट नहीं सुनाई देते।

श्रवण बाधा के प्रकार (Types of Hearing Impairment)

1. कंडक्टिव हियरिंग लॉस (Conductive Hearing Loss)

यह तब होता है जब बाहरी या मध्य कान में कोई रुकावट होती है।

  • यह श्रवण-दोष कान में पूरी तरह मे संक्रमण होने से होता है, जिससे व्यक्ति कम सुनने लगता है। इसमें कान का बहना, कान के पर्दे  में छेद होना, कान में दर्द होना इसके लक्षण होते हैं। 

कारण

  • कान में मैल (Wax)
    • कान का संक्रमण (Infection)
    • कान के पर्दे में छेद (CSOM)
    • मध्य कान की हड्डियों की समस्या

2. सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस (Sensorineural Hearing Loss)

यह आंतरिक कान या श्रवण तंत्रिका की खराबी के कारण होता है।

  • यह स्थाई श्रवण-दोष (Hearing Loss) होता है। इसमें व्यक्ति के कान की संवेदी तंत्रिकाएं कमजोर होने से कम सुनाई देने लगता है।

कारण

 

  • बढ़ती उम्र (Aging)
    • तेज़ आवाज़ का लंबे समय तक संपर्क (Loud Noise)
    • जन्मजात कारण (By birth)
    • कुछ दवाइयों का दुष्प्रभाव (Ototoxic Drugs)

3. मिक्स्ड हियरिंग लॉस (Mixed Hearing Loss)

इसमें कंडक्टिव और सेंसोरीन्यूरल दोनों प्रकार की समस्याएँ होती हैं।

यह दोनों प्रकार का श्रवण-दोष (Hearing Loss) होता है, संवेदी तंत्रिका और प्रवाहकीय श्रवण-दोष (Hearing Loss)। कान में लम्बे समय तक संक्रमण होने के कारण कान की संवेदी तंत्रिकाएं प्रभावित हो जाती हैं। जिससे व्यक्ति को कम सुनने लगता है। 

4. सेंट्रल हियरिंग लॉस (Central Hearing Loss)

यह मस्तिष्क के उस हिस्से से जुड़ा होता है जहाँ ध्वनियों को समझा जाता है।

इसमें व्यक्ति कम सुनने का नाटक करता है। कभी व्यक्ति को बिलकुल नहीं सुनाई देता है, और कभी-कभी बहुत अच्छा सुनाई देने लगता है।  

 

श्रवण बाधित होने के कारण (Causes of Hearing Impairment)

 

![Image](https://www.starkey.com/-/media/International/US/Images/blog/2016/the-most-frequent-causes-of-hearing-loss.jpg)

![Image](https://my.clevelandclinic.org/-/scassets/Images/org/health/articles/21776-noise-induced-hearing-loss)

![Image](https://www.starkey.com/-/media/International/US/Images/blog/2017/Anatomy-of-the-ear.jpeg)

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श्रवण बाधित (Hearing Impaired) के अनेक कारण हो सकते हैं:

According to PWD (Act-1995)- यदि किसी व्यक्ति के बेहतर कान में 60 dBHL या इससे ज्यादा श्रवण दोष होता है तो, इसे श्रवण विकलांगता कहते हैं। अर्थात यदि व्यक्ति की श्रवण क्षमता सामान्य से कम है तो उसे श्रवण बाधित तथा इससे होने वाले प्रभाव को श्रवण अक्षमता, (Hearing Impairment) कहते हैं। यहां प्रश्न यह उठता है कि श्रवण दोष होता कैसे है?

जन्म से संबंधित कारण

  • गर्भावस्था के दौरान संक्रमण (Infection during pregnancy)
  • समय से पहले जन्म (Premature delivery)
  • जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी (Lack of Oxygen during delivery)
  • आनुवंशिक कारण (genetic)

जीवन के दौरान होने वाले कारण

  • Aging (Presbycusis): उम्र से संबंधित दोनों तरफ सुनने की क्षमता में कमी को दर्शाता है। शाब्दिक रूप से, Presbycusis का अर्थ है ‘पुरानी श्रवण शक्ति’ या ‘बुजुर्ग श्रवण शक्ति’। यह दुनिया भर में श्रवण शक्ति की कमी का सबसे आम कारण है और अनुमान है कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लगभग दो-तिहाई भारतीय इससे प्रभावित हैं।
  • Noise Exposure: Noise Exposure यंत्रों से श्रवण दोष होता है, यदि कोई व्यक्ति 6 घंटे रोजाना 60 दिन तक तेज आवाज सुनता है तो उसे श्रवण दोष हो जाता है चाहे उसकी उम्र कम ही क्यों न हो। यदि कोई व्यक्ति डीजे के पास डांस करता है या उसके पास पटाखा फूटता है या किसी तेज आवाज के पास रहता है या काम करता है तो उसको स्थाई श्रवण दोष हो जाता है। कारखानों या आवाज प्रदर्शन करने वाली जगहों पर काम करने वाले व्यक्तियों को हमेशा एक उम्र के बाद श्रवण दोष हो जाता है। 
  • Ear Infections: कान में संक्रमण होने से अक्सर श्रवण दोष हो जाता है, कई बार हम लोग कान में कोई नुकीली वस्तु डालते हैं, या तेल डालते हैं, इससे कान में संक्रमण हो सकता है। कई बार कान में पानी जाने से कुछ गीलापन रहने लगता है खुजली रहने लगती है, इसके लिए हम कान में बार-बार नुकीली वस्तु डालकर खुजलाते हैं जिससे कान में खरौच होने का डर रहता है फिर कान में संक्रमण हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो तुरंत कान नाक गला विशेषज्ञ से संपर्क करें। इसे अनदेखा न करें।
  • Ototoxic Medications: Ototoxic medications अर्थात विषैली दवाओं के सेवन से हमारे आंतरिक कान को चोट पहुंचती है जिससे स्थाई श्रवण दोष होने का डर रहता है। इसलिए जितना हो सकता है इन दवाओं से बचें और बिना डॉ. के परामर्श के इन दवाओं का सेवन बिलकुल न करें। अन्यथा आपको बिना पछतावे के कुछ नहीं मिलनेवाला। 
  • Genetic Factors: कई बार आनुवांशिक श्रवण दोष भी होता है, इसका मतलब पीड़ित व्यक्ति के किसी परिवार वाले को श्रवण दोष हो, या किसी रिश्तेदार को या किसी सगे संबंधी को श्रवण दोष हो सकता है, जैसेः- दादा-दादी, चाचा-चाची, नाना-नानी, मामा-मामी, बूआ-मौसी, आदि को यदि श्रवण दोष होता है तो उसे भी श्रवण दोष होने की बहुत अधिक संभावना होगी, इससे बचने के लिए रुटीन चैक अप अवश्य कराते रहें।

Illness or Injury: कोई लंबी बीमारी होने या सिर में या कान के पास गंभीर चोट लगने से भी श्रवण दोष होने का डर रहता है। लंबी बीमारी meniere’s होने से श्रवण दोष हो जाता है। इस बीमारी का पता लगने पर तुरंत विशेषज्ञ को अवश्य परामर्श करें। और चोट लगने पर भी तुरंत विशेषज्ञ से मिलें, कई बार कान पर थप्पड़ मारना, सिर में चोट लगना, से भी स्थाई श्रवण दोष हो जाता है।

श्रवण बाधा के लक्षण (Symptoms)

बच्चों में

  • आवाज़ देने पर प्रतिक्रिया न देना (No Response on Voice)
  • बोलने में देरी (Delay Speech & Language)
  • टीवी की आवाज़ बहुत तेज़ रखना (Loud sound of TV)
  • बार-बार “क्या?” कहना

वयस्कों में

  • ऐसे लोगों को शोर-गुल वाले वातावरण में सुनाई देना मुश्किल होता है, इसलिए अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं।

 

  • ऐसे लोग बातें करते समय कहते हैं ठीक से सुना नहीं कृपया दोबारा बोलिए, इसलिए कुछ शब्दों का कोई अलग मतलब निकाल लेते हैं।

 

  • ऐसे लोग टेलीवीजन या मोबाइल की आवाज बढ़ाकर रखते हैं, जिससे दूसरे घर के सदस्यों को परेशानी होती है।

 

  • ऐसे लोगों को कान में लगातार आवाज आना या Tinnitus की समस्या होना, जिसकी बजह से कुछ सुनाई नहीं देती है। 

 

  • ऐसे लोग पीछे से आवाज लगाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं करते हैं, इसलिए अलग दिशा में चले जाते हैं।

 

  • इन लोगों को दरवाजे की घंटी (door bell) सुनाई नहीं देती है, जिससे घंटी बजाने वाले व्यक्ति को बहुत इंतजार करना पड़ता है। 

 

  • इस प्रकार के कुछ लोगों को बच्चों और औरतों के कुछ शब्द समझ में नहीं आते हैं, इसलिए कुछ क्रिया- कलाप उल्टे हो जाते हैं।

 

  • ऐसे छात्रों को कक्षा में शिक्षक की आवाज ठीक से सुनाई नहीं देती है, इसीलिए ऐसे छात्र शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ जाते हैं।

 

  • सड़क पर चलते समय इन लोगों को गाड़ियों की आवाज नहीं आती है, इसलिए दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।

बच्चों में श्रवण बाधित (Hearing Impaired) होने का प्रभाव

बच्चों में सुनने की समस्या का सीधा असर भाषा और बोलने के विकास पर पड़ता है। यदि समय पर पहचान न हो, तो:

  • बोलने-समझने में देरी (Delay Speech & Language)
  • पढ़ाई में कठिनाई (Studying difficulty)
  • आत्मविश्वास की कमी (Lack of Confidence)
  • सामाजिक दूरी (Social distance)

👉 इसलिए नवजात श्रवण जांच (Newborn Hearing Screening) अत्यंत आवश्यक है।

वयस्कों और बुजुर्गों में श्रवण बाधा

वयस्कों में श्रवण बाधित (Hearing Impaired) अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती है, जिससे व्यक्ति इसे गंभीरता से नहीं लेता।

इसके परिणामस्वरूप:

  • सामाजिक अलगाव
  • अवसाद (Depression)
  • याददाश्त पर असर
  • कार्यक्षमता में कमी

श्रवण जांच (Hearing Test / Audiological Evaluation)

Hearing Test
Tympanometry

 

श्रवण बाधित (Hearing Impaired) की सही पहचान के लिए निम्न जांचें की जाती हैं:

  • प्योर टोन ऑडियोमेट्री (Pure Tone Audiometry-PTA)
  • इम्पीडेंस ऑडियोमेट्री (Impedance Audiometry-Tympanometry)
  • BERA / OAE (बच्चों के लिए)
  • स्पीच ऑडियोमेट्री (Speech Audiometry)

इन जांचों से सुनने की क्षमता और श्रवण बाधित (Hearing Impaired) के प्रकार का पता चलता है।

श्रवण बाधा का उपचार (Treatment Options)

1. दवाइयाँ और सर्जरी

  • संक्रमण का इलाज (Infection Treatment)
  • कान के पर्दे की सर्जरी (Tympanoplasty Surgery)
  • हड्डियों की सर्जरी (Ossiculoplasty Surgery)

2. हियरिंग एड (Hearing Aids)

  • डिजिटल हियरिंग एड (Digital Hearing Aid)
  • ब्लूटूथ हियरिंग एड (Blue Tooth Hearing Aid)
  • रिचार्जेबल हियरिंग एड (Rechargeable Hearing Aid)

👉 यह सुनने की क्षमता को बेहतर बनाते हैं और जीवन की गुणवत्ता सुधारते हैं।

3. कोक्लियर इम्प्लांट (Cochlear Implant)

कॉक्लियर इम्प्लांट (Cochlear Implant) गंभीर या गहरी श्रवण बाधित (Hearing Impaired) वाले बच्चों और वयस्कों के लिए प्रभावी विकल्प है।

कॉक्लियर इम्प्लांट (Cochlear Implant) एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे कान में प्रत्यारोपित (Implant) किया जाता है। यह सामान्य हियरिंग एड (Hearing Aid) से अलग काम करता है। हियरिंग एड (Hearing aid) ध्वनि को केवल बढ़ाता है, जबकि कॉक्लियर इम्प्लांट (Cochlear Implant) सीधे श्रवण तंत्रिका (Auditory Nerve) को उत्तेजित करके दिमाग तक ध्वनि के सिग्नल पहुँचाता है।

4. स्पीच और ऑडिटरी थेरेपी

  • सुनने और समझने की क्षमता बढ़ाने में सहायक
  • बच्चों के भाषा विकास में अत्यंत आवश्यक

श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए संचार के तरीके

![Image](https://makeitfable.com/wp-content/uploads/2022/02/2022-02-17-Sign-Language.png)

 

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![Image](https://i0.wp.com/advancingsmartly.org/wp-content/uploads/2016/06/communication-methods.png?fit=403%2C369\&ssl=1)

 

  • सांकेतिक भाषा (Sign Language)
  • लिप-रीडिंग
  • लिखित संचार
  • मोबाइल और डिजिटल ऐप्स

श्रवण बाधिति व्यक्ति के प्रति समाज और परिवार की भूमिका

श्रवण बाधित (Hearing Impaired) व्यक्ति को सहानुभूति, सहयोग और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है।

परिवार और समाज यदि:

  • धैर्य रखें
  • स्पष्ट और धीमी आवाज़ में बात करें
  • इलाज के लिए प्रेरित करें

तो व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है।

श्रवण बाधित (Hearing Impaired) से बचाव (Prevention)

  • तेज़ आवाज़ से बचें
  • हेडफोन सीमित समय तक प्रयोग करें
  • कान का नियमित परीक्षण
  • कान में कुछ भी न डालें
  • संक्रमण का समय पर इलाज

श्रवण बाधित (Hearing Impaired) से जुड़ी आम गलतफहमियाँ (Myths)

❌ हियरिंग एड पहनने से सुनने की क्षमता और खराब हो जाती है

✔️ सच्चाई: हियरिंग एड सुनने में सुधार करता है

 

❌ केवल बुजुर्गों को श्रवण बाधा होती है

✔️ सच्चाई: यह किसी भी उम्र में हो सकती है

🔷 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (हिंदी)

Q1. श्रवण बाधित (Hearing Impaired) क्या होता है?

 

श्रवण बाधित वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति को आंशिक या पूर्ण रूप से सुनने में कठिनाई होती है।

 

Q2. क्या श्रवण बाधा जन्म से हो सकती है?

 

हाँ, यह जन्मजात कारणों जैसे आनुवंशिक समस्या, समय से पहले जन्म या गर्भावस्था के संक्रमण के कारण हो सकती है।

 

Q3. क्या श्रवण बाधा ठीक हो सकती है?

 

कुछ मामलों में दवाइयों या सर्जरी से सुधार संभव है। स्थायी श्रवण बाधा में हियरिंग एड या कोक्लियर इम्प्लांट मददगार होते हैं।

 

Q4. हियरिंग एड किसे पहनना चाहिए?

 

जिन लोगों को सुनने में कठिनाई हो और ऑडियोलॉजिस्ट द्वारा सलाह दी जाए, उन्हें हियरिंग एड पहनना चाहिए।

 

Q5. क्या हियरिंग एड से सुनने की क्षमता और खराब हो जाती है?

 

नहीं। यह एक गलतफहमी है। हियरिंग एड सुनने की क्षमता को बेहतर बनाता है।

 

Q6. बच्चों में श्रवण बाधा कैसे पहचानी जाती है?

 

नवजात श्रवण जांच (OAE / BERA) और ऑडियोलॉजिकल टेस्ट से बच्चों में श्रवण बाधा का पता लगाया जाता है।

 

Q7. कोक्लियर इम्प्लांट क्या है?

 

कोक्लियर इम्प्लांट एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो गंभीर श्रवण बाधा वाले लोगों को सुनने में मदद करता है।

 

Q8. क्या मोबाइल और हेडफोन से सुनने की समस्या हो सकती है?

 

हाँ, तेज़ आवाज़ में लंबे समय तक हेडफोन इस्तेमाल करने से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।



 

🔷 Call To Action (CTA) – हिंदी

👉 क्या आपको या आपके बच्चे को सुनने में परेशानी हो रही है?

सुनने की समस्या को नज़रअंदाज़ न करें।

समय पर हियरिंग टेस्ट और सही उपचार से जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।

 

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निष्कर्ष (Conclusion)

श्रवण बाधित (Hearing Impaired) होना कोई अभिशाप नहीं है, बल्कि एक स्वास्थ्य स्थिति है जिसका समाधान संभव है। आधुनिक चिकित्सा, हियरिंग टेक्नोलॉजी और थेरेपी के माध्यम से श्रवण बाधित व्यक्ति भी संपूर्ण, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीव जी सकता है।

👉 समय पर जांच, सही उपचार और सकारात्मक दृष्टिकोण ही श्रवण बाधा से निपटने की कुंजी है।

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